Nahi Chuka Pa rehe hai Loan

Nahi Chuka Pa Rehe hai Loan, Ghabraayen nahi , bank nahi kar sakti aisa | हिंदी में बैंक ऋण वसूली नियम

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Nahi Chuka Pa Rehe hai Loan, Ghabraayen Nahi , Bank Nahi kar Sakti Aisa

अगर नहीं चुका पा रहे हैं लोन तो न हों परेशान, यहां पढ़ें अपने ये अधिकार

दोस्तों महंगाई के इस दौर में आदमी का सिर्फ एक आय से काम नहीं चलता। इसलिए वह आगे बढ़ने के लिए कोई छोटा मोटा निजी व्यापार करने लगता है। जिनके पास कोई सरकारी या प्राइवेट जॉब नहीं है तो ऐसे में कोई व्यापार करते हैं अपना जीवन यापन करने की सोचता है। लेकिन व्यापार के लिए पैसे की जरूरत होती है और फिर वह व्यक्ति अपने उस व्यापार के लिए या व्यापार करने के लिए बैंक से लोन लेता है।

लेकिन ये जरूरी नहीं के किया हुआ हर व्यापार सफल हो जाए या कभी-कभी कुछ और भी दिक्कतें आती हैं जिससे कि ग्राहक लिया हुआ लोन चुकाने में असमर्थ होता है। ऐसे में लोन चुकाने में हुई देरी के कारण बैंक ग्राहक के घर एजेंट के कर्मचारी को भेजता है ताकि लिया हुआ लोन के बारे में यथास्थिति पता चल सके। लेकिन वह आपको किसी भी रूप में धमका नहीं सकता।

ऐसे बहुत सारे केस जिसमें की रिकवरी एजेंट्स द्वारा लोन नहीं चुकाने वाले लोगों को प्रताड़ित करने की रिपोर्ट सामने आने पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कुछ वर्ष पहले बैंकों को कड़ी फटकार और चेतावनी दी थी। Reserve Bank of India के इस फटकार के बाद सभी बैंकों ने ग्राहकों के लिए कोड ऑफ कमिटमेंट के तहत बेस्ट प्रैक्टिसेज का खुद से यानी स्वेच्छा से पालन करने का निर्णय लिया था।

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Nahi Chuka Pa Rehe hai Loan तो नियम क्या कहती हैं

Nahi Chuka Pa Rehe hai Loan तो  मिलता हैं लोन चुकाने के लिए समय

  • सबसे पहले लोन चुकाने का समय देना होता है।
  • यह समय 3 महीने यानी 90 दिनों या इससे थोड़ा ज्यादा समय  ग्राहक को दिया जाता है।
  • इस समय तक बकाया नहीं चुकाने पर डिफॉल्टर का खाता नन परफॉर्मिंग ऐसेट (NPA) श्रेणी में डाल दिया जाता है।
  • इसके बाद बैंक डिफॉल्टर को 60 दिन का नोटिस देती है।

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क्या होता हैं जब लोन चुकाने की समय पूरी हो जाए 

  • इन सबके अलावा बैंक डिफाल्टर को अपनी संपत्ति की बिक्री के लिए 30 दिनों का सार्वजनिक नोटिस देना होता है और इसमें बिक्री की पूरी जानकारी होती है।
  • डिफॉल्टर अगर 60 दिनों के नोटिस अवधि के दौरान जो बकाया रकम है उसे भुगतान करने में या उससे जुड़ा जवाब देने में असफल रहता है तो बैंक अगला कदम लेती है।
  • बैंक फिर रकम वसूलने के लिए संपत्ति को नीलाम करती है।
  • अगर डिफॉल्टर की संपत्ति की कीमत कम आंकी गई है तो डिफॉल्टर आपत्ति दर्ज करा सकता है।
  • इसके अलावा डिफॉल्टर खुद बेहतर कीमत देने वाले खरीदार को ढूंढ कर बैंक के उपयुक्त ऑफिसर से मिलवा सकता है।

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क्या नीलामी के बाद बाकी रकम मिलती है

  • मान लीजिए बैंक जब डिफॉल्टर की संपत्ति को नीलामी में डालता है और उसके संपत्ति की कीमत 1 करोड़ रुपए होती है और बैंक की बकाया राशि 50 लाख या 60 लाख रुपए है।
  • तो ऐसे में बैंक को अपना बकाया राशि और अन्य सभी खर्चों की वसूली के बाद बचे हुए पैसे बकायदार को लौटाने होते हैं।
  • नीलामी में हुए सारे पैसे बैंक नहीं रख सकती अगर उसका बकाया राशि वसूल हो जाता है तो।
  • आपको नीलामी के बाद बैंक की राशि चुकता होने के बाद बची हुई रकम मिल जाती हैं
  • ऐसा नहीं है कि नीलमी के बाद आपको कुछ भी नहीं मिलेगा

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क्या आप नोटिस पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं

  • बैंक से दी हुई नोटिस अवधि के दौरान डिफॉल्टर अपने संपत्ति पर कब्जे के नोटिस पर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।
  • इस पर बैंक से जुड़े हुए उपर्युक्त अधिकारी को 7 दिनों के अंदर अंदर इसका जवाब देना होता है।
  • और अगर अधिकारी आपकी आपत्ति खारिज करता है तो उसे इसका वैध कारण बताना होगा।

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बैंक के कर्मचारी या एजेंट, डिफॉल्टर से कैसे मुलाकात कर सकते हैं

  • बैंक कर्मचारी का एजेंट सबसे पहले डिफॉल्टर से उसके पसंदीदा समय और स्थान पर मिलने का अनुरोध करेंगे।
  • पसंदीदा समय और स्थान पर बैंक कर्मचारियों एजेंट को डिफॉल्टर की निजता का ध्यान रखना होगा।
  • वह डिफॉल्टर द्वारा दिए गए पसंदीदा स्थान पर ही मुलाकात कर सकते हैं।
  • अगर डिफॉल्टर जगह नहीं बताते है तो ऐसे मामले में बैंक कर्मचारी या एजेंट डिफॉल्टर के घर या कार्यस्थल पर जाकर मिल सकते हैं।
  • मिलने का समय सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम 7:00 बजे के बीच का होना चाहिए।
  • घर जाकर बैंक कर्मचारी एजेंट डिफॉल्टर से बदतमीजी नहीं कर सकते हैं।

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तो दोस्तों आज आपने जाना के लोन नहीं चूका पाने की स्थिति में आपके क्या अधिकार हैं और कैसे बैंक आपके साथ कोई बदतमीजी नहीं कर सकती और आपके क्या क्या अधिकार हैं जिसे आपको जानना जरुरी हैं ।

दोस्तों इस पोस्ट को कृपया जरूर शेयर करें ताकि बाकी लोग भी अपना लोन से जुड़े अधिकार जान सके । मिलते हैं फिर अगले पोस्ट में । धन्यवाद दोस्तों

 

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